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मोदी सरकार की मुद्रा योजना का कैसे उठाएं लाभ?

ध्यान से पढिये, फिर जो मन करे पूछिये. सबसे पहले तो उनके लिए बता दूं जो अक़्सर पूछते हैं कि, “मैं फलां काम करता हूँ, या करना चाहता हूँ। इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन मिलेगा या नही?” मैं बताना चाहता हूँ कि अब तक मेरी ब्रांच से किन-किन क्षेत्रों में काम करने वाले मुद्रा योजना के अंतर्गत लाभान्वित हुए हैं :

परचून की गुमटी,
बड़ी Grocery shop,
दर्जी की छोटी सी दुकान,
हवाई चप्पल-जूते की दुकान,
सीमेंट-मौरंग-गिट्टी-सरिया की दुकान,
रेडीमेड कपड़ा विक्रेता की दुकान,
इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की दुकान,
बरतनों की दुकान,
पंक्चर बनाने-हवा भरने की दुकान,
साइकिल विक्रेता की बड़ी दुकान,
महिलाओं द्वारा घर मे फुटकर समान बेचने का प्रयास,
मोबाइल-कम्प्यूटर शॉप,
हलवाई की दुकान,
Ice-cream factory,
आटोमोबाइल सब डीलर,
फोटो स्टूडियो,
RO-water संयंत्र (निर्माणाधीन)

इन जीवंत उदाहरणों से स्पष्ट है कि कोई भी काम आपका मुद्रा योजना के अंतर्गत आ सकता है। मुद्रा योजना में लोन/CC लिमिट की अधिकतम सम्भव राशि 10 लाख ही हो सकती है। ये हो गया कि कौन सा काम ‘मुद्रा’ के अंतर्गत आता है।

मुद्रा योजना से लोन के लिए कागजात कौन से चाहिए..

बेसिक चीजें जो लगभग सभी को चाहिए, आधार कार्ड, PAN कार्ड, एक अदद mobile नम्बर, 3-4 फ़ोटो।

ठेले पर फल लगाने वाले, छोटी सी गुमटी चलाने वाले, मोची, नाई आदि का छोटे स्केल पर काम करने वालों के लिए आधार, फ़ोटो, Mobile पर्याप्त है।

व्यपारियों को, बड़ी दुकानों को, और बड़े अमाउंट का लोन चाहने वालों को, आधार, PAN, फ़ोटो, मोबाइल no, पिछले 3 सालों की बैलेंस शीट (अगर फर्म पुरानी है), स्टॉक स्टेटमेंट, वर्तमान औऱ अगले 2 सालों की estimated और projected बैलेंस शीट (ये सब unaudited चलेंगी), पिछले 3 साल का IT return, GST इत्यादि। 4-5 लाख या ज्यादा का लोन लेने की आवश्यकता है तो अनौपचारिक सी project रिपोर्ट खुद से बना लें तो बेहतर होगा। हालांकि आवश्यकता नही, पर खुद clear रहने, और मैनेजर को भी clearly समझाने को ये बेहतर रहती है।

Project Report में क्या क्या रहेगा :

फर्म का नाम,
प्रोपराइटर का नाम,
एड्रेस,
स्थापना तिथि,
Dealing with..
वर्तमान स्थिति, प्रॉफिट and loss,

(नई फर्म, दुकान खोलनी हो तो उपर्युक्त चीजें इग्नोर करें, अब फिर से continue करें.)

लोन की आवश्यकता क्यों?
कितने लोन की आवश्यकता?
क्या समान लाना है?
उस क्षेत्र में उस समान की बढ़िया बिक्री की क्या सम्भावना है?
आपका इस क्षेत्र में अनुभव ?
आपके पास उपलब्ध पूंजी?
कितने लोग आपके यहाँ काम करेंगे?
किस रेट से सामान बेचेंगे?
उनको सैलरी कितनी, बिजली का बिल कितना, दुक्कान का किराया कितना?
कुल मासिक खर्च जोड़िए, कुल मासिक अनुमानित इनकम निकालें, दोनो का अंतर। इसी में से आपको बैंक की किश्त भी देनी है, business चलाने को पैसा भी बचाना है।

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अब, तरीका या प्रोसेस लोन लेने का..

उपर्युक्त सब कागजात रखें, बैंक जाएं। मनेजर या लोन अफसर से मिलें। पूरी detail बताएं project रेपोर्ट अनुसार। उससे पूछें कि और क्या जानकारी चाहिए आपको। हर डॉक्यूमेंट की, पूरे set की एक फोटोकॉपी मनेजर को दे दें। फिर उससे दुबारा कब मिलें ये पूछें। वो अपनी सुविधानुसार आपको बुलाएगा।

सब कुछ ठीक रहा, मैनेजर संतुष्ट हुआ तो आपका लोन 1 दिन में भी सैंक्शन हो सकता है।

इस स्थिति में आपको, खरीदे जाने वाले माल या समान की, अधिकृत विक्रेता से “कोटेशन” लानी पड़ेगी। उसपर GST नम्बर जरूर लिखा होना चाहिए।

जितने अमाउंट का सामान कोटशन में लिखा है, या जितने amount का लोन अप्रूव हुआ है उसका 10% पैसा, मार्जिन मनी के रूप में आपको अपने खाते में जमा करना पड़ेगा। और बाकी का 90% अमाउंट का लोन बैंक देगी। ब्याज आपका उस 90% अमाउंट पर ही पड़ेगा।

50,000 तक के लोन पर processing charge कुछ भी नही, अर्थात शून्य हैं। 1,50,000 तक के लोन पर करीब 14-1500 रुपए पड़ते हैं। मोटा-मोटा बता दे रहा हूँ आपको। ये राशि आपके खाते में होनी चाहिए लोन शुरू होते समय।

लोन बना, DD या NEFT/RTGS से पैसा डीलर/विक्रेता तक पहुंचा आप उससे समान लेकर आये। साथ मे वही उस समान का बिल भी लाना होगा जो कि कोटशन में लिखा है। exactly same..

हो गया लोन, अब काम कीजिए बढ़िया से और अगले महीने से बंधी हुई किश्त बैंक में समय से जमा करते रहिए।

कुछ सलाहें,

बैंक मैनेजर पर किसी सम्पर्क, प्रभाव आदि की धौंस न दिखाइए मुद्रा लोन के लिए, वरना उसपर यही इम्प्रेशन जाएगा कि जब लोन मिलने से पहले आप ये सब कर रहे हैं, तो लोन चुकाने में तो बड़ी समस्या करेंगे।

धैर्य रखिए, हो सकता है मैनेजर किसी अन्य जरूरी कार्य मे लगातार व्यस्त हो इसलिए आपका कार्य न हो पा रहा हो। उसे थोड़ा समय दीजिए।

जो समान कोटेशन में लिखवाया हो आपने, वही और उतने ही मूल्य का लिए, समान और मूल्य में, दोनो में ही डिफरेंस पाए जाने पर बैंक से धोखाधड़ी का केस बनता है आप पर और समान के सप्लायर पर भी।

बाकी कुछ रह गया हो तो कमेंट में पूछियेगा। यथासम्भव उत्तर दूंगा।

 – श्री राहुल सिंह, लेखक सरकारी योजानाओं के जानकार एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर लिखते हैं

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