Entertainment

बचना है तो जिंदा टाइगर को रिलीज़ होने से रोक लें

सलमान भाई का तूफान, जादूगर अजूबा वाला टाइम आ गया है. टाइगर जिंदा है का ट्रेलर देखकर ऐसा आभास हो रहा है कि बचना है तो जिंदा टाइगर को रिलीज़ होने से रोक लें. ट्यूबलाइट ने बहुत बड़ा धक्का मारा है स्टारडम को. दूसरे झटके के बाद शाहरुख की तरह खुद का पैसा लगाकर फिल्म चलानी पड़ेगी ताकि ब्रांड बचा रहे.

ऐसे टाइम में सबसे बड़ी दिक्कत होती है कि खुद को कुछ समझ नहीं आता और सलाह देने वाले सब चेले चपाटे होते हैं. भाई ने जीवन में चेले चपाटे ही कमाए हैं. घर तक में दो चिंटू हैं. चिंटू बोला, भाई दाढ़ी रख लो, फैशन है लेटेस्ट. डबल चिन भी छुप जाएगा. भाई ने दाढ़ी रख ली. भाई फैल कर मोटा भाई हो चुका है. एंड रिजल्ट में भाई हलवाई लग रहा है. मगर बताए कौन.
मरना थोड़े ही है.
दूसरा बोला, भाई स्वैग आजकल फैशन में है, एक स्वैग का गाना बनवाओ चेले से. भाई ने कहा, ओए, बना बे गाना. गाना तैयार. स्वैग से करेंगे सबका स्वागत. क्या वाहियात गाना है. कैटरीना एकदम से गुजरे जमाने की हो गई हैं. कब हुईं पता नहीं चला. इतनी जल्दी वक्त तो इंटरस्टेलर में ही बीता था आखिरी बार.

ट्रेलर में एक और गाना आता है पंजाबी वाला जिसके बारे में पता नहीं क्या क्या तारीफ की जा रही है. ईमानदारी से कहूँ तो इस गाने को देखकर शक होता है कि कहीं यह फिल्म अमिताभ बच्चन की ब्लैक का तो रीमेक नहीं है.
आजकल सीक्वेल का जोर है, सीक्वेल भी हो सकती है.

सलमान खान जो जासूसी के प्रोफेसर हैं, वो अपनी मासूम शिष्या जो कि एक स्ट्रगलिंग पाकिस्तानी जासूस है, कई साल से बगैर वीज़ा के वाघा बॉर्डर क्रास करने का प्रयास कर रही है और नाकाम हो रही है. सलमान जो कि चमन की आशा नाम का एक प्रोग्राम भी चलाते हैं, एक चैलेंज के तौर पर उसकी तालीम का ठेका लेते हैं, उसको अय्यारी और कलाकारी के जौहर सिखाते हैं और बीच बीच में मौका देखकर गुरु दक्षिणा के तौर पर स्वैग से स्वागत करा लेते हैं. यह सब काम किसी गुप्त लोकेशन पर हो रहा है.
फिर एक दिन दिल्ली के मैक्स अस्पताल वाले कुछ पेशेंट्स को बंदी बना लेते हैं, जिनको छुड़ाने के लिए सलमान खान और उनकी पाकिस्तानी नृत्यांगना प्रेमिका को कॉन्ट्रैक्ट दिया जाता है. भाई आता है और अस्पताल की बजा के चला जाता है.

ट्रेलर से भी फिल्म बकवास लग रही है. जिन वजहों से सलमान खान की फिल्में चल जाती थीं, वो भी गायब हैं. एक तो कहानी टेस्टेड नहीं लग रही. कम से कम पहले इसको साउथ में बनवा कर देख लेते, चल जाती तो उसके बाद सीन दर सीन कॉपी करके हिंदी में भी बना लेते..अब किसी चेले चपाटे ने ही बनाई होगी तो वैसी ही बनी होगी जैसी सोहैल खान बनाते हैं. कुल मिलाकर भविष्य उज्जवल नहीं लग रहा है. पैसा लेकर भी आदमी साढ़े तीन से ज्यादा स्टार नहीं दे पाएगा.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Analyst is India’s fastest-growing News & Media company. We track everything from politics to Finance, fashion to sports, Science to religion. We have a team of experts who do work around the clock to bring stories which matter to our audience.

Copyright © 2018 The Analyst. Designed & Developed by Databox

To Top